भारत का संविधान — विस्तृत नोट्स
1. संविधान का अर्थ
संविधान किसी देश का सर्वोच्च कानून होता है। इसमें शासन की व्यवस्था, सरकार के अंगों की शक्तियाँ, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य तथा केंद्र और राज्यों के बीच संबंधों का वर्णन होता है।
भारत का संविधान विश्व के सबसे विस्तृत लिखित संविधानों में से एक है।
2. भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ
भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ हैं—
- लिखित एवं विस्तृत संविधान
- संघात्मक व्यवस्था, लेकिन मजबूत केंद्र के साथ
- संसदीय शासन प्रणाली
- संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य
- मौलिक अधिकार
- राज्य के नीति-निर्देशक तत्व
- मौलिक कर्तव्य
- स्वतंत्र न्यायपालिका
- एकल नागरिकता
- सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
- कानून का शासन
- आपातकालीन प्रावधान
- संविधान की सर्वोच्चता
- केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन
3. संविधान सभा
भारतीय संविधान का निर्माण संविधान सभा ने किया था।
संविधान सभा का गठन
संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना, 1946 के आधार पर हुआ।
संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा नहीं किया गया था। प्रांतीय विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों ने उनका चुनाव किया।
महत्वपूर्ण तथ्य
- संविधान सभा की पहली बैठक — 9 दिसंबर 1946
- अस्थायी अध्यक्ष — सच्चिदानंद सिन्हा
- स्थायी अध्यक्ष — डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- उपाध्यक्ष — एच. सी. मुखर्जी
- संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार — बी. एन. राउ
4. उद्देश्य प्रस्ताव
जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में 13 दिसंबर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया।
बाद में यही उद्देश्य प्रस्ताव संविधान की प्रस्तावना का आधार बना।
5. प्रारूप समिति
संविधान के प्रारूप को तैयार करने के लिए 29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति का गठन किया गया।
इसके अध्यक्ष थे—
डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर
इसी कारण डॉ. बी. आर. अंबेडकर को भारतीय संविधान का “मुख्य शिल्पकार” कहा जाता है।
6. संविधान निर्माण में लगा समय
भारतीय संविधान को बनाने में लगभग—
2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन
का समय लगा।
संविधान सभा के कुल 11 अधिवेशन हुए।
संविधान सभा ने कुल लगभग 165 दिनों तक बैठक की।
7. संविधान को कब अपनाया गया?
संविधान सभा ने भारतीय संविधान को—
26 नवंबर 1949
को अपनाया, अधिनियमित किया और स्वयं को प्रदान किया।
इसी कारण हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है।
8. संविधान कब लागू हुआ?
भारतीय संविधान—
26 जनवरी 1950
को लागू हुआ।
26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज्य दिवस मनाया था।
इसी दिन भारत गणराज्य बना।
9. भारतीय संविधान की मूल संरचना
जब संविधान लागू हुआ था, तब इसमें—
- 395 अनुच्छेद
- 22 भाग
- 8 अनुसूचियाँ
थीं।
समय के साथ संविधान में अनेक संशोधन किए गए और इसकी संरचना में परिवर्तन हुआ।
10. प्रस्तावना
भारतीय संविधान की प्रस्तावना की शुरुआत होती है—
“हम, भारत के लोग…”
प्रस्तावना भारत को घोषित करती है—
- संप्रभु
- समाजवादी
- पंथनिरपेक्ष
- लोकतांत्रिक
- गणराज्य
और नागरिकों को प्रदान करने का संकल्प व्यक्त करती है—
- न्याय
- स्वतंत्रता
- समानता
- बंधुता
42वाँ संविधान संशोधन, 1976
42वें संशोधन द्वारा प्रस्तावना में तीन महत्वपूर्ण शब्दों से संबंधित परिवर्तन हुआ:
- समाजवादी
- पंथनिरपेक्ष
- अखंडता
ध्यान दें: “समाजवादी” और “पंथनिरपेक्ष” शब्द जोड़े गए तथा “राष्ट्र की एकता और अखंडता” के भाव को स्पष्ट किया गया।
11. संविधान के स्रोत
भारतीय संविधान के निर्माताओं ने विभिन्न देशों के संविधानों से उपयोगी प्रावधान लिए।
| देश | प्रमुख विशेषता |
|---|---|
| ब्रिटेन | संसदीय शासन, कानून का शासन, मंत्रिमंडल प्रणाली |
| अमेरिका | मौलिक अधिकार, न्यायिक समीक्षा, स्वतंत्र न्यायपालिका |
| आयरलैंड | राज्य के नीति-निर्देशक तत्व |
| कनाडा | मजबूत केंद्र वाली संघीय व्यवस्था |
| ऑस्ट्रेलिया | समवर्ती सूची, व्यापार एवं वाणिज्य संबंधी प्रावधान |
| जर्मनी | आपातकालीन प्रावधानों से संबंधित प्रभाव |
| रूस/सोवियत संघ | मौलिक कर्तव्य |
| फ्रांस | स्वतंत्रता, समानता और बंधुता |
| दक्षिण अफ्रीका | संविधान संशोधन की प्रक्रिया |
| जापान | विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया |
12. मौलिक अधिकार
भारतीय संविधान के भाग III में मौलिक अधिकारों का वर्णन है।
मूल संविधान में 7 मौलिक अधिकार थे, लेकिन वर्तमान में 6 मौलिक अधिकार हैं।
1. समानता का अधिकार — अनुच्छेद 14 से 18
इसमें शामिल हैं—
- कानून के समक्ष समानता
- भेदभाव का निषेध
- सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर
- अस्पृश्यता का उन्मूलन
- उपाधियों का अंत
2. स्वतंत्रता का अधिकार — अनुच्छेद 19 से 22
इसमें नागरिकों को विभिन्न स्वतंत्रताएँ प्राप्त हैं।
अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करता है।
अनुच्छेद 21A के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार दिया गया है।
3. शोषण के विरुद्ध अधिकार — अनुच्छेद 23-24
- मानव तस्करी और बेगार पर रोक
- बच्चों को खतरनाक उद्योगों में काम कराने पर रोक
4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार — अनुच्छेद 25-28
प्रत्येक व्यक्ति को धर्म मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता से संबंधित प्रावधान प्राप्त हैं।
5. सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार — अनुच्छेद 29-30
विशेष रूप से भाषायी एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा से संबंधित प्रावधान।
6. संवैधानिक उपचार का अधिकार — अनुच्छेद 32
डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 को संविधान की “आत्मा और हृदय” कहा था।
इसके तहत मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली जा सकती है।
13. संपत्ति का अधिकार
पहले संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार था।
लेकिन 44वें संविधान संशोधन, 1978 के बाद इसे मौलिक अधिकारों से हटा दिया गया।
अब यह अनुच्छेद 300A के अंतर्गत एक संवैधानिक/कानूनी अधिकार है, मौलिक अधिकार नहीं।
14. राज्य के नीति-निर्देशक तत्व
राज्य के नीति-निर्देशक तत्व संविधान के भाग IV में हैं।
इनका उद्देश्य भारत में सामाजिक एवं आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करना है।
ये न्यायालय द्वारा सीधे लागू नहीं कराए जा सकते।
कुछ महत्वपूर्ण अनुच्छेद—
- अनुच्छेद 39 — राज्य की नीति के कुछ सिद्धांत
- अनुच्छेद 40 — ग्राम पंचायतों का संगठन
- अनुच्छेद 44 — समान नागरिक संहिता
- अनुच्छेद 45 — बाल देखभाल एवं शिक्षा से संबंधित प्रावधान
- अनुच्छेद 48 — कृषि और पशुपालन
- अनुच्छेद 50 — न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करना
- अनुच्छेद 51 — अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा
15. मौलिक कर्तव्य
मौलिक कर्तव्य भाग IVA में अनुच्छेद 51A के अंतर्गत हैं।
इन्हें 42वें संविधान संशोधन, 1976 द्वारा जोड़ा गया।
शुरुआत में 10 मौलिक कर्तव्य थे।
86वें संविधान संशोधन, 2002 द्वारा एक और मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया।
अब कुल—
11 मौलिक कर्तव्य
हैं।
इनमें संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना, देश की एकता-अखंडता की रक्षा करना, पर्यावरण की रक्षा करना तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना आदि शामिल हैं।
16. राष्ट्रपति
भारत में राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होते हैं।
महत्वपूर्ण अनुच्छेद
- अनुच्छेद 52 — राष्ट्रपति
- अनुच्छेद 53 — संघ की कार्यपालिका शक्ति
- अनुच्छेद 54 — राष्ट्रपति का निर्वाचन
- अनुच्छेद 55 — निर्वाचन की पद्धति
- अनुच्छेद 56 — कार्यकाल
- अनुच्छेद 61 — महाभियोग
राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
राष्ट्रपति का चुनाव जनता सीधे नहीं करती।
17. उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति का उल्लेख अनुच्छेद 63 में है।
उपराष्ट्रपति—
राज्यसभा के पदेन सभापति
होते हैं।
इनका कार्यकाल भी 5 वर्ष होता है।
18. प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद
भारत में वास्तविक कार्यपालिका शक्ति का प्रयोग प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद करते हैं।
प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
19. संसद
भारतीय संसद के तीन घटक हैं—
- राष्ट्रपति
- राज्यसभा
- लोकसभा
लोकसभा
- इसे जनता का सदन कहा जाता है।
- इसके सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं।
- सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
राज्यसभा
- इसे राज्यों की परिषद कहा जाता है।
- यह स्थायी सदन है।
- इसे भंग नहीं किया जाता।
- प्रत्येक दो वर्ष में लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
20. न्यायपालिका
भारत में एकीकृत न्यायपालिका की व्यवस्था है।
सबसे ऊपर है—
सर्वोच्च न्यायालय
इसके बाद—
उच्च न्यायालय → अधीनस्थ न्यायालय
सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना संविधान लागू होने के साथ 28 जनवरी 1950 को हुई।
21. न्यायिक पुनरावलोकन
न्यायपालिका को यह शक्ति प्राप्त है कि वह किसी कानून या सरकारी कार्य की संवैधानिकता की जांच कर सके।
यदि कोई कानून संविधान के विरुद्ध पाया जाता है तो न्यायालय उसे असंवैधानिक घोषित कर सकता है।
22. केंद्र और राज्य संबंध
भारतीय संविधान में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन किया गया है।
सातवीं अनुसूची में तीन सूचियाँ हैं—
संघ सूची
राष्ट्रीय महत्व के विषय।
राज्य सूची
राज्य स्तर के विषय।
समवर्ती सूची
केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं।
यदि समवर्ती सूची के विषय पर केंद्र और राज्य के कानून में टकराव हो, तो सामान्यतः केंद्रीय कानून प्रभावी होता है, संविधान में दिए अपवादों के अधीन।
23. आपातकाल
भारतीय संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल का प्रावधान है।
राष्ट्रीय आपातकाल — अनुच्छेद 352
युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में लगाया जा सकता है।
राष्ट्रपति शासन — अनुच्छेद 356
जब किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाए।
वित्तीय आपातकाल — अनुच्छेद 360
देश की वित्तीय स्थिरता या साख को खतरा होने पर।
24. संविधान संशोधन
संविधान में संशोधन की प्रक्रिया अनुच्छेद 368 में दी गई है।
संविधान को न तो पूरी तरह कठोर कहा जा सकता है और न पूरी तरह लचीला।
इसमें संशोधन के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं।
25. महत्वपूर्ण संविधान संशोधन
42वाँ संशोधन — 1976
इसे अक्सर “मिनी संविधान” कहा जाता है।
इसके द्वारा कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए।
44वाँ संशोधन — 1978
इससे संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाया गया।
52वाँ संशोधन — 1985
दल-बदल विरोधी कानून से संबंधित।
61वाँ संशोधन — 1989
मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई।
73वाँ संशोधन — 1992
पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा।
74वाँ संशोधन — 1992
नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा।
86वाँ संशोधन — 2002
शिक्षा के अधिकार से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान।
101वाँ संशोधन — 2016
GST से संबंधित।
103वाँ संशोधन — 2019
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण से संबंधित।
26. संविधान की प्रमुख अनुसूचियाँ
भारतीय संविधान में वर्तमान में 12 अनुसूचियाँ हैं।
| अनुसूची | विषय |
|---|---|
| पहली | राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का विवरण |
| दूसरी | संवैधानिक पदों के वेतन/भत्ते आदि |
| तीसरी | शपथ एवं प्रतिज्ञान |
| चौथी | राज्यसभा में सीटों का आवंटन |
| पाँचवीं | अनुसूचित क्षेत्रों एवं अनुसूचित जनजातियों का प्रशासन |
| छठी | पूर्वोत्तर के कुछ जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन |
| सातवीं | संघ, राज्य और समवर्ती सूचियाँ |
| आठवीं | मान्यता प्राप्त भाषाएँ |
| नौवीं | कुछ कानूनों और विनियमों का संरक्षण |
| दसवीं | दल-बदल विरोधी प्रावधान |
| ग्यारहवीं | पंचायती राज |
| बारहवीं | नगरपालिकाएँ |
27. संविधान की महत्वपूर्ण भाषाएँ
आठवीं अनुसूची में वर्तमान में 22 भाषाएँ शामिल हैं।
कुछ प्रमुख भाषाएँ—
हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, उर्दू, नेपाली, सिंधी, कोंकणी, मणिपुरी, बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली।
28. महत्वपूर्ण अनुच्छेद — परीक्षा के लिए
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 1 | भारत अर्थात इंडिया, राज्यों का संघ |
| 3 | राज्यों का गठन/सीमा परिवर्तन |
| 14 | कानून के समक्ष समानता |
| 15 | भेदभाव का निषेध |
| 16 | सरकारी रोजगार में समान अवसर |
| 17 | अस्पृश्यता का अंत |
| 18 | उपाधियों का अंत |
| 19 | स्वतंत्रता के अधिकार |
| 21 | जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता |
| 21A | शिक्षा का अधिकार |
| 25 | धार्मिक स्वतंत्रता |
| 32 | संवैधानिक उपचार |
| 36-51 | नीति-निर्देशक तत्व |
| 51A | मौलिक कर्तव्य |
| 52 | राष्ट्रपति |
| 63 | उपराष्ट्रपति |
| 74 | राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद |
| 76 | महान्यायवादी |
| 79 | संसद |
| 110 | धन विधेयक |
| 112 | वार्षिक वित्तीय विवरण/बजट |
| 123 | राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति |
| 143 | राष्ट्रपति का सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श |
| 148 | नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक |
| 280 | वित्त आयोग |
| 300A | संपत्ति का अधिकार |
| 324 | निर्वाचन आयोग |
| 343 | संघ की राजभाषा |
| 352 | राष्ट्रीय आपातकाल |
| 356 | राष्ट्रपति शासन |
| 360 | वित्तीय आपातकाल |
| 368 | संविधान संशोधन |
29. परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य
प्रश्न: भारतीय संविधान कब अपनाया गया?
उत्तर: 26 नवंबर 1949
प्रश्न: संविधान कब लागू हुआ?
उत्तर: 26 जनवरी 1950
प्रश्न: संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रश्न: प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर: डॉ. बी. आर. अंबेडकर
प्रश्न: संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?
उत्तर: 9 दिसंबर 1946
प्रश्न: मौलिक अधिकार किस भाग में हैं?
उत्तर: भाग III
प्रश्न: नीति-निर्देशक तत्व किस भाग में हैं?
उत्तर: भाग IV
प्रश्न: मौलिक कर्तव्य किस अनुच्छेद में हैं?
उत्तर: अनुच्छेद 51A
प्रश्न: संवैधानिक उपचार का अधिकार?
उत्तर: अनुच्छेद 32
प्रश्न: संविधान संशोधन?
उत्तर: अनुच्छेद 368
प्रश्न: चुनाव आयोग?
उत्तर: अनुच्छेद 324
प्रश्न: वित्त आयोग?
उत्तर: अनुच्छेद 280
प्रश्न: भारत का सर्वोच्च कानून क्या है?
उत्तर: संविधान
⭐ एक लाइन में पूरा संविधान
संविधान सभा → 9 दिसंबर 1946 से शुरुआत → प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. अंबेडकर → 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया → 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ → प्रस्तावना + मौलिक अधिकार + नीति-निर्देशक तत्व + मौलिक कर्तव्य + संसद + न्यायपालिका + संघीय व्यवस्था + आपातकाल + संशोधन भारतीय संवैधानिक व्यवस्था के प्रमुख आधार हैं।
