SCO सम्मेलन 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) — विस्तृत नोट्स

 

1. परिचय

शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO) एक प्रमुख क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन है, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

 

SCO की स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई, चीन में हुई थी।

SCO की स्थापना मूल रूप से 6 देशों—चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान—द्वारा की गई थी।

भारत और पाकिस्तान 2017 में SCO के पूर्ण सदस्य बने।

2. SCO की स्थापना की पृष्ठभूमि

SCO की जड़ें Shanghai Five (शंघाई फाइव) समूह में हैं।

1996 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान ने सीमा क्षेत्रों में सैन्य विश्वास बढ़ाने तथा सुरक्षा संबंधी सहयोग के लिए Shanghai Five बनाया।

 

1997 में इन देशों के बीच सीमा क्षेत्रों में सैन्य बलों की संख्या कम करने से संबंधित समझौते हुए।

 

बाद में उज्बेकिस्तान के शामिल होने के साथ 2001 में Shanghai Five का विस्तार हुआ और Shanghai Cooperation Organisation (SCO) का गठन किया गया।

 

याद रखने की ट्रिक

 

Shanghai Five + Uzbekistan = SCO

3. SCO के संस्थापक सदस्य

 

SCO के शुरुआती 6 सदस्य:

 

1. चीन

2. रूस

3. कजाकिस्तान

4. किर्गिस्तान

5. ताजिकिस्तान

6. उज्बेकिस्तान

4. SCO में भारत की सदस्यता

भारत लंबे समय तक SCO में Observer (पर्यवेक्षक) के रूप में जुड़ा रहा।

 

भारत को 2005 में SCO का Observer Status मिला।

 

इसके बाद भारत ने SCO की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी शुरू की।

 

2017 में महत्वपूर्ण बदलाव

9 जून 2017 को भारत और पाकिस्तान को SCO के पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया।

इससे SCO का विस्तार हुआ और भारत की मध्य एशिया तथा यूरेशिया से जुड़ी कूटनीति को नया मंच मिला।

5. वर्तमान सदस्य देश

 

SCO का विस्तार समय के साथ हुआ है। वर्तमान में इसके 10 पूर्ण सदस्य देश हैं:

1. चीन

2. रूस

3. कजाकिस्तान

4. किर्गिस्तान

5. ताजिकिस्तान

6. उज्बेकिस्तान

7. भारत

8. पाकिस्तान

9. ईरान

10. बेलारूस

 

महत्वपूर्ण तथ्य

भारत और पाकिस्तान → 2017 में शामिल

ईरान → 2023 में पूर्ण सदस्य

बेलारूस → 2024 में पूर्ण सदस्य

इसलिए परीक्षा में यदि पूछा जाए कि SCO के वर्तमान पूर्ण सदस्य कितने हैं, तो वर्तमान स्थिति के अनुसार उत्तर 10 है।

 

 

 

6. SCO का मुख्यालय

 

SCO का Secretariat (सचिवालय) स्थित है:

 

बीजिंग, चीन

 

SCO का एक अन्य प्रमुख संस्थान है:

 

Regional Anti-Terrorist Structure (RATS)

 

इसका मुख्यालय:

 

ताशकंद, उज्बेकिस्तान

 

परीक्षा के लिए याद रखें

 

SCO Secretariat → Beijing

 

SCO RATS → Tashkent

 

7. SCO के प्रमुख उद्देश्य

SCO के प्रमुख उद्देश्यों को निम्न प्रकार से समझा जा सकता है:

 

① क्षेत्रीय सुरक्षा

 

सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाना SCO का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

 

② आतंकवाद का मुकाबला

 

आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयास करना SCO के प्रमुख एजेंडे में शामिल है।

 

③ अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला

 

SCO आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियों के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देता है।

 

④ आर्थिक सहयोग

 

सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना।

 

⑤ राजनीतिक सहयोग

 

सदस्य देशों के बीच संवाद और राजनीतिक सहयोग बढ़ाना।

 

⑥ सांस्कृतिक सहयोग

 

शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना।

 

⑦ क्षेत्रीय स्थिरता

 

यूरेशियाई क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देना।

8. SCO का मुख्य सुरक्षा एजेंडा

SCO के संदर्भ में तीन शब्द अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

 

आतंकवाद

 

(Terrorism)

 

अलगाववाद

 

(Separatism)

 

उग्रवाद

(Extremism)

इन्हें अक्सर “Three Evils” के रूप में संदर्भित किया जाता है।

SCO का Regional Anti-Terrorist Structure (RATS) इन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

9. Regional Anti-Terrorist Structure — RATS

 

RATS का पूरा नाम है:

 

Regional Anti-Terrorist Structure

 

यह SCO की महत्वपूर्ण सुरक्षा संस्थाओं में से एक है।

 

मुख्यालय

 

ताशकंद, उज्बेकिस्तान

 

उद्देश्य

 

आतंकवाद के खिलाफ सहयोग

 

उग्रवाद से निपटना

अलगाववादी गतिविधियों के खिलाफ सहयोग

आतंकवादी संगठनों से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान

 

सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग

 

10. SCO का महत्व

 

SCO दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठनों में से एक है।

इसका महत्व कई कारणों से है।

 

भौगोलिक महत्व

 

SCO के सदस्य देश एशिया और यूरोप के बड़े हिस्से में फैले हुए हैं।

 

इसमें चीन, रूस, भारत और मध्य एशिया के कई देश शामिल हैं।

 

जनसंख्या

 

SCO के सदस्य देशों की संयुक्त जनसंख्या विश्व की आबादी का लगभग 40% है।

 

इस कारण यह विश्व के सबसे बड़े बहुपक्षीय क्षेत्रीय संगठनों में से एक है।

 

आर्थिक महत्व

 

SCO के सदस्य देशों में बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं, विशेष रूप से:

चीन

भारत

रूस

इससे SCO आर्थिक और व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनता है।

 

11. भारत के लिए SCO का महत्व

 

भारत के लिए SCO केवल सुरक्षा संगठन नहीं है, बल्कि यह मध्य एशिया से संपर्क बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है।

 

① मध्य एशिया से संबंध

 

भारत SCO के माध्यम से कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे मध्य एशियाई देशों के साथ संबंध मजबूत कर सकता है।

 

② आतंकवाद के खिलाफ सहयोग

 

भारत लंबे समय से सीमा-पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है। SCO के सुरक्षा मंच के माध्यम से भारत आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ा सकता है।

 

③ ऊर्जा सुरक्षा

 

मध्य एशिया और रूस ऊर्जा संसाधनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।

 

SCO भारत को ऊर्जा सहयोग के अवसर प्रदान करता है।

 

④ कनेक्टिविटी

 

भारत मध्य एशिया तक अपनी आर्थिक और रणनीतिक पहुंच बढ़ाना चाहता है।

 

इस संदर्भ में Chabahar Port और International North-South Transport Corridor (INSTC) जैसे संपर्क मार्ग महत्वपूर्ण हैं।

 

⑤ अफगानिस्तान

 

अफगानिस्तान की स्थिति का भारत की सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है। SCO में अफगानिस्तान से संबंधित सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा होती रही है।

 

 

 

12. भारत और चीन के संदर्भ में SCO

 

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद दोनों देश SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर साथ काम करते हैं।

 

SCO भारत और चीन को संवाद का एक अतिरिक्त मंच देता है।

 

हालाँकि SCO में दोनों देशों के हित हमेशा समान नहीं होते।

 

भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के तहत SCO में भागीदारी करता है।

 

 

 

13. भारत और रूस के संदर्भ में SCO

 

रूस भारत का लंबे समय से महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार रहा है।

 

SCO भारत और रूस के बीच:

 

सुरक्षा सहयोग

 

ऊर्जा सहयोग

 

क्षेत्रीय मुद्दों

 

आतंकवाद-रोधी सहयोग

 

 

के लिए भी उपयोगी मंच है।

 

 

 

14. SCO और पाकिस्तान

 

पाकिस्तान भी 2017 में भारत के साथ SCO का पूर्ण सदस्य बना।

 

इस कारण भारत और पाकिस्तान दोनों SCO के एक ही बहुपक्षीय संगठन का हिस्सा हैं।

 

यह SCO को दक्षिण एशिया के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बनाता है।

 

 

 

15. SCO की निर्णय प्रक्रिया

 

SCO में निर्णय लेने के लिए सर्वसम्मति (consensus) का सिद्धांत महत्वपूर्ण है।

 

अर्थात सदस्य देशों के बीच सहमति बनाने पर जोर दिया जाता है।

 

यह SCO की कार्यप्रणाली की महत्वपूर्ण विशेषता है।

 

 

 

16. SCO की प्रमुख बैठकें

 

SCO में विभिन्न स्तरों पर बैठकें होती हैं।

 

Council of Heads of State

 

यह SCO का प्रमुख शीर्ष राजनीतिक मंच है।

 

इसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष/सरकार के प्रमुख भाग लेते हैं।

 

Council of Heads of Government

 

इसमें सदस्य देशों के प्रधानमंत्री/सरकार के प्रमुख भाग लेते हैं।

 

यह मुख्य रूप से आर्थिक और व्यावहारिक सहयोग से संबंधित विषयों पर ध्यान देता है।

 

 

 

17. SCO का स्थापना दिवस

 

15 जून 2001

 

इस दिन चीन के शंघाई शहर में SCO की स्थापना हुई।

 

परीक्षा में प्रश्न

 

SCO की स्थापना कब हुई?

 

उत्तर: 15 जून 2001

 

SCO की स्थापना कहाँ हुई?

 

उत्तर: शंघाई, चीन

 

 

 

18. SCO के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

 

विषय तथ्य

 

पूरा नाम Shanghai Cooperation Organisation

हिंदी नाम शंघाई सहयोग संगठन

स्थापना 15 जून 2001

स्थापना स्थल शंघाई, चीन

मूल समूह Shanghai Five

प्रारंभिक सदस्य 6

भारत की सदस्यता 2017

पाकिस्तान की सदस्यता 2017

ईरान की पूर्ण सदस्यता 2023

बेलारूस की पूर्ण सदस्यता 2024

वर्तमान पूर्ण सदस्य 10

सचिवालय बीजिंग, चीन

RATS मुख्यालय ताशकंद, उज्बेकिस्तान

प्रमुख क्षेत्र सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, अर्थव्यवस्था, संस्कृति

निर्णय का आधार सर्वसम्मति

 

 

 

 

19. SCO और भारत के लिए परीक्षा में महत्वपूर्ण शब्द

 

SSC/UPSC/State PSC में इन शब्दों को जरूर याद करें:

 

SCO → Shanghai Cooperation Organisation

 

Shanghai Five → SCO की पृष्ठभूमि

 

2001 → SCO की स्थापना

 

2017 → भारत और पाकिस्तान पूर्ण सदस्य

 

2023 → ईरान पूर्ण सदस्य

 

2024 → बेलारूस पूर्ण सदस्य

 

Beijing → SCO Secretariat

 

Tashkent → RATS

 

Terrorism + Separatism + Extremism → Three Evils

 

 

 

20. निष्कर्ष

 

शंघाई सहयोग संगठन आज यूरेशियाई क्षेत्र में सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय कूटनीति का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इसके विस्तार से इसका भौगोलिक और रणनीतिक महत्व और बढ़ा है।

 

भारत के लिए SCO मध्य एशिया से संपर्क, आतंकवाद-रोधी सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण है।

 

परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य:

SCO की स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में हुई, भारत 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना, इसका सचिवालय बीजिंग में और RATS का मुख्यालय ताशकंद में है।

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